मां ताप्ती की पवित्र नगरी मुलताई में, बुधवार को किन्नर अखाड़े द्वारा घर वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से आए 50 से अधिक किन्नरों ने वैदिक मंत्रोचार के साथ वापस हिंदू धर्म में प्रवेश किया।
इस दौरान सभी ने यह आरोप लगाया कि, सनातन विरोधी ताकतों द्वारा, किन्नरों का ब्रेन वॉश कर, उनका धर्म बदला जा रहा था। ताकि उनके माध्यम से अन्य लोगों तक इस मुहिम को पहुंचाया जा सके।इस रिवाज को तोड़ने के लिए बुधवार को, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किन्नरों की हिंदू धर्म में वापसी करवाई गई।
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ताप्ती तट पर हुआ शुद्धिकरण स्नान**
कार्यक्रम की शुरुआत मां ताप्ती के उद्गम तीर्थ क्षेत्र के सात कूडो में स्नान के साथ हुई । किन्नर समाज के सदस्यों ने सूर्य पुत्री मां ताप्ती के जल से स्नान कर शुद्धिकरण किया। इसके बाद नगर के काली मंदिर और मां ताप्ती मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की, और मंदिर में घंटा भेंट किया। शुद्धिकरण के बाद सभी किन्नर नगर के आशीर्वाद लॉन पहुंचे, जहां किन्नर अखाड़े के संस्थापक स्वामी अजय दास ऋषि के सानिध्य में, भव्य घर वापसी संस्कार संपन्न हुआ। हवन पूजन और रुद्राभिषेक के जरिए सभी ने वापस सनातन धर्म को अंगीकार किया।
*धमकी और लालच देकर बदल जाता था धर्म*
धर्म वापसी करने वाले किन्नरों ने अपनी आपबीती भी सांझा की। किन्नर अखाड़े की मंडलेश्वर आम्रपाली में ने बताया कि, हम पर धर्म परिवर्तन के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है। लालच के साथ-साथ धमकियां भी दी जाती है। यहां तक कहा जाता है कि ,अगर धर्म नहीं बदला तो घर की बेटी बहन के साथ गलत करेंगे। ऐसी मजबूरी में लोग धर्म बदलते हैं।
*हिंदू सेना ने तोड़ी धर्म परिवर्तन की कड़ी*
इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय हिंदू सेवा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने कहा कि, विधर्मियों द्वारा किन्नरों को बरगलाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। ताकि वह दूसरों का भी धर्म बदलवा सके। आज हिंदू सेवा ने सभी किन्नर साथियों के साथ मिलकर इस रिवाज को तोड़ दिया है, और सब की घर वापसी कर ली है।
किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने बताया कि, दूसरे धर्म में गए यह लोग अब वापस अपने मूल धर्म के लिए काम करेंगे, वहीं काजल मां कहा कि, आज सभी हिंदू संगठनों और साधु संतों की ताकत से हम सब एक हुए हैं। अब हम गौ सेवा के साथ-साथ सनातन धर्म की सेवा के लिए हमेशा आगे रहेंगे।
इस दौरान नगर के आशीर्वाद लोन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ऋषि के सानिध्य में संपन्न हुआ। यहां विद्वानों पंडितों द्वारा रुद्राभिषेक हवन और पूजन कराया गया। हिंदू विधि विधान और मंत्रोंपचार के बीच सभी 50 किनारों की का घर वापसी संस्कार हुआ। कार्यक्रम में जगतगुरु काजल ठाकुर महामंडलेश्वर प्रभा पटेल और महामंडलेश्वर रानी ठाकुर सहित कई प्रमुख संत साधू और ,विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने गांव संरक्षण क्षेत्र की सुख शांति और संस्कृति जागरण के महत्व पर अपने विचार रखें । आयोजकों ने बताया कि, यह अभियान केवल एक धर्म अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह किन्नर समाज की संस्कृति चेतना और आत्म गौरव को जगाने की एक कोशिश है।


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