नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है? जबलपुर हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल को अपने फैसले में पूर्व अध्यक्ष नीतू परमार को उनके पद पर बहाल कर दिया है। कोर्ट ने नीतू परमार को दोबारा अध्यक्ष पद पर कारोबार ग्रहण करने की अनुमति देने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं । इससे पहले मुलताई के एडीजे कोर्ट ने नीतू परमार के निर्वाचन को निरस्त कर दिया था, इस निर्णय के बाद भाजपा की वर्षा गडेकर को अध्यक्ष पद पर मनोनीत घोषित किया गया था ,और वह पदभार संभाल रही थी । सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से अब यह स्थिति पूरी तरह बदल गई है। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में कहां की निर्वाचन अधिकरण के 13 जून 2023 को पारित आदेश रद्द किया जाता है। न्यायालय ने नीतू परमार के निर्वाचन को वेद मानते हुए, उन्हें पुनः अध्यक्ष पद ग्रहण करने का अधिकार प्रदान किया है ।इस फैसले के बाद मुलताई नगर पालिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां नीतू परमार के समर्थकों में खुशी का माहौल है ,वहीं विरोधी खेमे में निराशा देखी जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी अब अध्यक्ष पद के कार्यभार के ट्रांसफर की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।



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