मां ताप्ती की पवित्र नगरी में प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर की श्रीमद् भागवत गीता का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान नगर में भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना हुआ है। इसी बीच मुलताई से सामाजिक समरसता और कौमी एकता की एक मिसाल सामने आई है। कथा की महिमा और नगर वासियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए, स्थानीय मुस्लिम व्यापारियों ने चिकन और मटन की दुकानें स्वेच्छा से तीन दिनों तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले की पूरे नगर में प्रशंसा की जा रही है। थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि, नगर के जागरूक नागरिकों ने व्यापारियों से कथा के दौरान सहयोग का आग्रह किया था, इस पर संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी दिखाते हुए, सभी व्यापारियों ने आपसी सहमति से तीन दिनों तक अपना धंधा बंद रखने का फैसला लिया है। व्यापारियों का कहना है की, कथा के दौरान पूरे नगर में धार्मिक और पवित्र वातावरण निर्मित है, ऐसे में सभी धर्म और समुदायों की भावनाओं का सम्मान करना उनका नैतिक दायित्व है ।उन्होंने सामाजिक सौहार्द और एकता को बनाए रखने को सभी नागरिको की जिम्मेदारी बताया। इस पहल में सलमान शाह, अशफाक पठान, सोंटी पठान, नदीम, अरबाज, अमीन शेख, आशिक शेख, सहित कई अन्य व्यापारियों ने सहयोग किया। नगर वासियों ने व्यापारियों के इस निर्णय को कौमी एकता और सामाजिक सद्भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। नगर वासियों का कहना है कि, ऐसे काम आपस मे प्रेम विश्वास और आपसी सम्मान की भावनाओं को मजबूत करते हैं और भाईचारे का संदेश भी देते हैं। मुलताई केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि, गंगा जमुना तहजीब और भाईचारे की मिसाल भी है। श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मुस्लिम व्यापारियों की यह अनोखी पहल पूरे क्षेत्र में प्रशंसा का विषय बनी हुई है।


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