नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के समूह ने,नगर के अनमोल अस्पताल की जांच की मांग को लेकर, जिला प्रशासन को ज्ञापन सोपा है। बुधवार को यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजीव कहार मुलताई को, कलेक्टर के नाम दिया गया है। जिसमें अनमोल अस्पताल के संचालक डॉक्टर प्रवीण शुक्ला के खिलाफ गंभीर आरोपो की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। विज्ञापन में वर्षा गडेकर, सुमित शिवहरे, चिंटू खन्ना, निखिल जैन, सौरभ शर्मा, बबल सेवतकर, पवन पवार, राहुल, रामदास देशमुख, और संदीप कांमढ़ी सहित कई नागरिक थे। आवेदकों ने बताया कि, अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीज और उनके परिजनों में लंबे समय से असंतोष पनप रहा है। आरोप है कि, अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही बढ़ती जा रही है, लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि, कई मामलों में मरीजों की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति का समुचित प्रशिक्षण किए बिना उपचार किया जाता है। उन्होंने हाल ही में नगर के युवक अमरदीप सिंह उर्फ सनी की मृत्यु, और इसके पहले मोहित पाल की मृत्यु का उल्लेख करते हुए इन मामलों की सभी तरह की जांच करने की मांग की है। ज्ञापन में अस्पताल की पैथोलॉजी लैब की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि, लैब में योग्य एवं प्रमाणित तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता संदिग्ध है। और जांच रिपोर्ट की गुणवत्ता की जांच आवश्यक है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आयुर विज्ञान आयोग (एनएमसी) के दिशा निर्देशों के पालन चिकित्सीय प्रिस्क्रिप्शन पर हस्ताक्षर एवं पंजीयन क्रमांक की अनिवार्यता दवाओ की गुणवत्ता और अस्पताल में प्रशिक्षित नर्सिंग एवं पैरामेडिक स्टाफ की उपलब्धता की भी जांच करने की मांग की गई है।
//डॉक्टर की डिग्री पर भी उठते सवाल//
आवेदक को ने डॉक्टर प्रवीण शुक्ल की शैक्षणिक योग्यता, एवं चिकित्सा डिग्री के साथ-साथ अस्पताल की वैधानिक मान्यताओं और दस्तावेजों की जांच की भी मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो मरीजों के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा को देखते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। और डॉक्टर प्रवीण शुक्ल का अस्पताल सील किया जाए।


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