मुलताई नगर से बोरदही सहित रेलवे पटरी पार कर,अन्य शहरों की तरफ जाने वाले सड़क मार्ग पर, रेलवे फाटक बंद होने के कारण होने वाले जाम से निजात पाने के लिए,24 करोड़ की लागत से बना रहे रेलवे ओवर ब्रिज की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं ? स्थानीय लोगों ने बताया कि, निर्माण के दौरान ही ब्रिज के कुछ हिस्सों में दरारें दिखाई दे रही है। इस ओवरब्रिज का उद्देश्य खेड़ली बाजार मार्ग सहित आसपास के क्षेत्र में यातायात जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से निर्मित किया जा रहा है। नगर वासियों ने शिकायत करते हुए बताया कि, करोड़ों रुपए की इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी आवश्यक थी । उन्होंने मांग की है कि संबंधित अधिकारी इन दरारों का तत्काल मौके पर निरीक्षण करें ,जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि दरारे सामान्य निर्माण प्रक्रिया की हिस्सा है या सामग्री या तकनीकी कमी के कारण उत्पन्न हुई समस्या है। नगर के युवा सिविल इंजीनियर चैतन्य पवार ने बताया कि कंक्रीट बनाते समय सीमेंट की मात्रा कम होने या काम के दौरान बारिश होने से इस तरह की दरारें आ जाती है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है इसलिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी पूरी निगरानी करनी चाहिए थी। ताकि गुणवत्ता प्रभावित न हो सके। परंतु देखा जा रहा है कि इतने बड़े ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य मात्र लेबरों के भरोसे छोड़ दिया गया है। और लेबर अपने तरीके से निर्माण कार्य कर रहे हैं। निर्माण में उपयोग की जा रही लोहे की सलाखों को लेकर भी लोगों में भ्रम बना हुआ है । कुछ हिस्सों में दोहरी सलाखें दिख रही है जबकि अन्य स्थानों पर सिंगल सलाखें दिखाई दे रही है। नगर वासियों को यह जानकारी नहीं है कि यह स्वीकृत तकनीकी डिजाइन के अनुसार है, या नहीं । उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग से इस संबंध में इस पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
// इनका कहना है//
यह निर्माण कार्य बैतूल के अधिकारी की देखरेख में किया जा रहा है ,इसलिए मैं कुछ नहीं कह सकता।
पी.डब्लू. डी. एसडीओ, एस. सोलंकी मुलताई।


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